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कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠको नहलाते समय साबà¥à¤¨ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नहीं करना चाहिà¤?
नीले रंग के टब मे नहाता हà¥à¤† शिशà¥
शिशॠको बिना साबà¥à¤¨ लगाठकेवल पानी से नहलाना, उसकी नाजà¥à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ को साफ रखने का सबसे सौमà¥à¤¯ तरीका लग सकता है, खासकर जब शिशॠबहà¥à¤¤ छोटा हो। लेकिन, शिशॠको नहलाने के लिठआपको केवल सादे पानी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² काफी है या नहीं, यह कà¥à¤› बातों पर निरà¥à¤à¤° करता है।
जब बात आपके बचà¥à¤šà¥‡ के जननांग और नितंबों की सफाई की आती है, तो इसके लिठकेवल पानी परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं है। वयसà¥à¤• मल की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में शिशॠके मल में वसा का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ से चिपकी हà¥à¤ˆ चिकनाई हटाने और उसे नैपी रैश से बचाने के लिठआपको सौमà¥à¤¯ कà¥à¤²à¥€à¤‚जर या बेबी वाइपà¥à¤¸ से उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ साफ करनी होगी। इसके बाद में पानी से धोकर कà¥à¤²à¥€à¤‚जर हटा दें।
यदि आप शिशॠको नहलाने से पहले उसकी तेल मालिश करती हैं, तो केवल सादा पानी तà¥à¤µà¤šà¤¾ से तेल की परत नहीं हटा सकता। तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर तेल के अवशेष हटाने के लिठआपको साबà¥à¤¨ या कà¥à¤²à¥€à¤‚जर की आवशà¥à¤¯à¤•ता होगी।
यदि आपके परिवार में à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ (छाजन) का इतिहास रहा है या फिर आपके शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ रà¥à¤–ी है, तो इन बातों पर à¤à¥€ आपको धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना होगा। साथ ही, इस बात का à¤à¥€ फरà¥à¤• पड़ता है कि आपके कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में मृदॠजल (सॉफà¥à¤Ÿ वॉटर) आता है या कठोर जल (हारà¥à¤¡ वाटर)।
जनà¥à¤® के कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में आपके शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सतह नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤² पीà¤à¤š से अमà¥à¤²à¥€à¤¯ (à¤à¤¸à¤¿à¤¡) पीà¤à¤š में बदल जाती है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सतह पर मौजूद इस अमà¥à¤²à¥€à¤¯ परत को अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में 'à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मेंटल' कहा जाता है। यह शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• परत (बैरियर) के तौर पर काम करता है। यदि आपके कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में मृदॠजल आता है, तो शिशॠको केवल पानी से नहलाना काफी है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पानी में à¤à¥€ अमà¥à¤²à¥€à¤¯ पीà¤à¤š होता है।
कठोर जल में à¤à¤²à¥à¤•लाइन पीà¤à¤š होता है। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ को केवल पानी से नहलाने से उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ के à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मेंटल पर असर पड़ता है और तà¥à¤µà¤šà¤¾ शà¥à¤·à¥à¤• हो जाती है। मृदॠजल वाले कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कठोर जल वाले कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में शिशà¥à¤“ं में à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ की दर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मानी जाती है। विशेष रूप से शिशà¥à¤“ं के लिठतैयार बेबी कà¥à¤²à¥€à¤‚जर बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ के पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रासायनिक संतà¥à¤²à¤¨ को बनाठरखने में मदद कर सकता है।
आपके कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में मृदॠजल आता है या कठोर जल, यह जानने के लिठदेखें कि साबà¥à¤¨ में आसानी से à¤à¤¾à¤— बनता है या नहीं। यदि थोड़े से साबà¥à¤¨ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से बहà¥à¤¤ सारा à¤à¤¾à¤— बन जाता है तो आपके कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° का पानी सॉफà¥à¤Ÿ है। यदि पानी कठोर हो तो आपको à¤à¤¾à¤— बनाने के लिठबहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ साबà¥à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना होगा। कठोर जल जब सूखता है ​तो धà¥à¤²à¥‡ हà¥à¤ शीशे, बाथरूम की टाइलà¥à¤¸ या शावर के परà¥à¤¦à¥‡ पर निशान छोड़ जाता है।
यदि शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ शà¥à¤·à¥à¤• लगे, तो आप पानी में अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठगठबाथ à¤à¤®à¥‹à¤²à¤¿à¤à¤‚ट को मिला सकती हैं। à¤à¤®à¥‹à¤²à¤¿à¤à¤‚ट तà¥à¤µà¤šà¤¾ को नरम व मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® बनाते हैं और तà¥à¤µà¤šà¤¾ को पानी अवशोषित रखने में मदद करते हैं। वे सूखी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œ करते हैं, पपड़ी कम निकलती है, तà¥à¤µà¤šà¤¾ की दरारें नरम होती हैं और खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ को कम करते हैं।
आप नहलाने के बाद शिशॠको बेबी मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤¿à¤‚ग लोशन या मालिश का तेल लगा सकती हैं। मगर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि सà¤à¥€ तरह के तेल शिशॠकी नाजà¥à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठउचित नहीं होते। आप à¤à¤¸à¤¾ तेल चà¥à¤¨à¥‡à¤‚ जो अचà¥à¤›à¥€ तरह अवशोषित हो जाठऔर तà¥à¤µà¤šà¤¾ की पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ परत को हटाने की बजाय इसकी रकà¥à¤·à¤¾ करे। आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठमालिश का कौन सा तेल उचित है इसके बारे में अधिक जानने के लिठमालिश के तेलों के बारे में हमारा लेख पढ़ें।
यहां आपके बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठकà¥à¤› अनà¥à¤¯ उपाय दिठगठहैं:
हमेशा उन उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें जो विशेष रूप से शिशà¥à¤“ं के लिठबनाठगठहैं। शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤µà¤šà¤¾ वयसà¥à¤•ों की तà¥à¤µà¤šà¤¾ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नाजà¥à¤• होती है, इसलिठइसकी विशेष देखà¤à¤¾à¤² की जरà¥à¤°à¤¤ होती है। विशेषतौर पर शिशà¥à¤“ं के लिठआने वाले साबà¥à¤¨, कà¥à¤²à¥€à¤‚जर, शैंपू या लोशन साधारण सà¥à¤•िन केयर उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में काफी सौमà¥à¤¯ होते हैं। यदि आपके शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ शà¥à¤·à¥à¤• है, तो à¤à¤²à¥à¤•ोहॉल या सà¥à¤—ंध वाले उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ या बेबी वाइपà¥à¤¸ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें।
हालांकि बचà¥à¤šà¥‡ को रोजाना नहलाना à¤à¤• आम पà¥à¤°à¤¥à¤¾ है, मगर आप चाहें तो शिशॠको कम बार नहला सकती हैं। नवजात शिशॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गंदे नहीं होते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे लेटे ही रहते हैं और बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हिलते-डà¥à¤²à¤¤à¥‡ नहीं हैं। जिस दिन आप उसे नहलाà¤à¤‚ ना या मालिश न करें, उस दिन आप उसे सà¥à¤ªà¤‚ज सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करा सकती हैं। बहरहाल, हर बार डायपर बदलते समय आपको उसके नैपी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को साफ करना होगा। जब à¤à¥€ शिशॠमà¥à¤‚ह से दूध निकाले तो आपको उसकी गरà¥à¤¦à¤¨ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सिलवटों को à¤à¥€ साफ करना होगा।
अगर आप शिशॠकी तेल मालिश करती हैं या मौसम गरà¥à¤® हो तो शायद आप उसे रोजाना नहलाना चाहेंगी। à¤à¤¸à¥‡ में उसे कम समय के लिठनहलाà¤à¤‚। तà¥à¤µà¤šà¤¾ शà¥à¤·à¥à¤• होने से बचाने के लिठशिशॠको करीब पांच से 10 मिनट का सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करवाना ही काफी है।
हमेशा बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ के छोटे हिसà¥à¤¸à¥‡ पर उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ का परीकà¥à¤·à¤£ करके देखें कि कà¥à¤¯à¤¾ इससे कोई परेशानी तो नहीं हो रही है। यदि आपको चकतà¥à¤¤à¥‡ या तà¥à¤µà¤šà¤¾ की कोई समसà¥à¤¯à¤¾ दिखाई दे, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। वे आपको उस उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² बंद करके कोई अनà¥à¤¯ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ उपयोग करने की सलाह दे सकती हैं।
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